ओनई पहाड़पुर एवं सतॉव ग्राम पंचायत के लेखपालों की जांच कराना अति आवश्यक हो गया है परंतु क्या उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान लेंगे

इन लेखपालों की जांच जब भी हो इन दोनों के कार्यक्षेत्र में लोगों की जानकारी में हो

इन दोनों लेखपालों के तार सत्ता पक्ष के साथ-साथ विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ भी मिले हैं

अपने-अपने क्षेत्रों में दोनों लेखपाल पैसों के लिए जाने जाते हैं

इन दोनों लेखपालों पर यह कहावत लागू होती है कि दादा ना भैया सबसे बड़ा रुपया

राजस्व विभाग के अधिकारियों के नाक के नीचे ऐसे कर्मचारी शासन के निर्देशों को लगा रहे हैं पलीता उच्च अधिकारी मौन

रायबरेली-सतॉव-गुरबक्श गंज थाना क्षेत्र के ओनई पहाड़पुर में भू माफिया पूरी तरीके से सक्रिय नहीं रहा शासन-प्रशासन का डर,जिम्मेदार कर्मचारी ही शासन के निर्देशों को लगा रहे पलीता।
आपको बताते चलें कि चंद दिनों पहले ओनई पहाड़पुर में तालाब की जमीन पर एक भूमाफिया सत्ता की हनक वह अपनी पहुंच के कारण और तो और तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा जमाए बैठा था ग्रामीणों की शिकायत के बाद शासन प्रशासन जागा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरबक्श गंज थाने से चंद कदम की दूरी पर रायबरेली रोड के किनारे बेशकीमती ग्राम समाज की जमीन पर भू माफियाओं द्वारा जिस प्रकार निर्माण कार्य किया जा रहा है और हल्का लेखपाल अरविंद कुमार द्वारा सिस्टम में लेकर आंखें बंद कर इसी मार्ग से सुबह-शाम निकलना होता है परंतु सुविधा शुल्क के आगे सभी अधिकारी कर्मचारियों ने आंखें बंद कर रखी है जब कोई ग्रामीण ऐसे प्रकरणों को उठाने का प्रयास करता है तो हल्का लेखपाल महोदय द्वारा नोटिस पकड़ा दी जाती है नोट इसमें साफ लिखा होता है कि इस जमीन के संबंधित जो भी का ताजा हो मेरे सामने प्रेषित करो नहीं तो आप के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा कर तुम लोगों को बेदखल कर देंगे और तो और किसानों की जमीनों को अपने सिस्टम से जमीन को खरीदना बेचना इनकी फितरत सी बन गई है लगता है कि उन्हीं पहाड़पुर लेखपाल राजस्व में नौकरी ना करके जमीनों का क्रय विक्रय करने का व्यवसाय डाल रखे हैं। ऐसे प्रकरणों के क्षेत्र में काफी चर्चाएं हैं जबकि यह जांच का विषय है परंतु राजस्व विभाग के ऐसे कर्मचारी से ग्रामीणों में काफी रोष है और लोगों द्वारा बताया गया कि काश इस प्रकरण में उच्च अधिकारी संज्ञान नहीं लेंगे तो किसी दिन हल्का लेखपाल अरविंद कुमार के खिलाफ हम लोग जिलाधिकारी रायबरेली के यहां धरना प्रदर्शन करेंगे। जबकि पूर्व के मामलों में उच्च अधिकारियों ने बहुत ही सूझबूझ से तालाब की जमीन को खाली करा दी है परंतु मलबे को भूमाफिया द्वारा नहीं उठाना किसी न किसी घटना को अंजाम देना साबित हो रहा है।
जिले के उच्च अधिकारी मामले का संज्ञान लिया और लेखपालों की टीम बनाकर मौके पर भेज कर तालाब की भूमि को भू माफिया के चंगुल से छुड़ाने के लिए आदेशित किया।परंतु राजस्व विभाग के कर्मचारियों के ढुलमुल रवैया के कारण आज तक तालाब की भूमि गाटा संख्या 874 पूर्व में हुए निर्माण कार्य का कुछ अंश को खानापूर्ति के लिए गिरवा दिया गया। जबकि आज तक तालाब के नंबर को पूरी तरीके से खाली कराना उचित नहीं समझा।जोकि यह सोच का विषय बन गया है। जबकि राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय लेखपाल को आदेशित किया गया था कि भू माफिया के चंगुल से तालाब की भूमि पूरी तरीके से छुड़ाई जाए और तो और मलबा तक हटवाया जाए परंतु क्षेत्रीय लेखपाल अरविंद कुमार एवं सतॉव लेखपाल चंद्र कुमार दीक्षित की रहमों करम से भू माफिया एक बार फिर सक्रिय होते नजर आ रहे हैं क्या राजस्व विभाग के यह कर्मचारी ही लगाएंगे शासन के निर्देशों को पलीता या सारा खेल कागजों पर ही सिमट कर रह जाएगा कहीं ना कहीं इन जमीनों पर कब्जा कराना हल्का लेखपाल के साथ अन्य राजस्व विभाग के कर्मचारियों के शामिल होने की बू आ रही है। इसलिए भू माफियाओं की गिद्ध दृष्टि इन वेशकीमती जमीनों से पकड़ मजबूत कम नहीं हो रही है जिससे इन भू माफियाओं द्वारा प्रतिदिन नए-नए गुल खिलाए जा रहे हैं जबकि क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा जिस प्रकार जमीनों पर सिस्टम के तहत अवैध कब्जा करवा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है यह काबिले तारीफ है। हां अब बहुत ही जल्द आप लोगों को देखने को मिलेगा कि ओनई पहाड़पुर के लेखपाल द्वारा अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के छोटे छोटे दुकानदारों अपनी गाज जरूर गिराआएंगे।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार जब से ओनई पहाड़पुर में यह लेखपाल आया है तब से जमीनों को खरीद खरीदने बेचने का काम महोदय ही कर लेते हैं शेष जमीनों को खरीदना बेचना हो तो इन महोदय लेखपाल साहब से कभी भी संपर्क किया जा सकता है। जोकि सोच का विषय है परंतु राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों का लाडला हल्का लेखपाल अरविंद कुमार को अपने जिगर के टुकड़े की तरीके पालकर नए-नए गुल खिला रहे हैं ऐसा लगता है ऐसे मामलों में दाल में कुछ काला नहीं पूरी दाल काली है। अब देखना है कि जिले के प्रेरणास्रोत ओनई पहाड़पुर लेखपाल अरविंद कुमार एवं ग्राम पंचायत सतॉव के हल्का लेखपाल चंद्र कुमार दीक्षित के खिलाफ क्या कड़ा रुख अपनाते हैं यह समय के गर्भ में है परंतु यह जरूर है कि जिला अधिकारी रायबरेली जैसा न्याय पूर्ण अधिकारी इस जिलों को मिलना अपने आप में काबिले तारीफ जरूर है।

रायबरेली ब्यूरो जावेद आरिफ

34200cookie-checkरायबरेली-(CNF)/ जिले में भू माफियाओं का बोलबाला,सरेआम बंजर भूमि पर भूमाफिया करा रहे निर्माण अब नहीं रहा शासन प्रशासन का डर

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