वाशिंगटन: पत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड की खुफिया रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलजीज अल साउद से टेलीफोन पर बातचीत की है। पद संभालने के एक महीने बीत जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने सऊदी किंग से बातचीत की है, लिहाजा माना जा रहा है कि दोनों देशों के संबंध इस वक्त ठीक नहीं है। वहीं, इस बातचीत के दौरान सऊदी किंग के बेटे क्राउन प्रिंस बिन सलमान को पूरी तरह से नजर अंदाज किया गया है। दोनों नेताओं के बीच ऐसे वक्त में बातचीत हुई है जब अमेरिकी खुफिया एजेंसी पत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड की रिपोर्ट सार्वजनिक करने वाली है और अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खोशोगी हत्याकांड में सऊदी क्राउन प्रिंस को हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताने की बात है। लिहाजा इस बातचीत के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

सऊदी अरब पर सख्त जो बाइडेन

कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकन खुफिया एजेंसियों की जांच में पता चला है कि पत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड सऊदी क्राउन प्रिंस के इशारे पर तुर्की में की गई थी। वहीं, पद संभालने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति हर देश के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत कर रहे हैं और उसी के तहत उन्होंने सऊदी किंग से बात की है। हालांकि, व्हाइट हाउस की तरफ से दोनों नेताओं की बातचीत का ज्यादा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। मगर, व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने सऊदी अरब की क्षेत्रीय शांति और सीमाओं की रक्षा को लेकर अमेरिकी प्रतिबद्धता को लेकर बात की है।

वहीं, व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया है अमेरिका दुनियाभर में मानवाधिकार और कानून के शासन पर जोर देता है जिसका जिक्र यहां भी किया गया है। वहीं, जो बाइडेन और सऊदी किंग के बीच ईरान की गतिविधि और ईरान द्वारा आतंकी समूहों को दिए जाने वाले समर्थन को लेकर भी बात की गई है। वहीं, अमेरिका स्थिति सऊदी अरब दूतावास ने अपने बयान में कहा है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध को विस्तार देने के साथ ही मिडिल इस्ट में ईरान द्वारा आतंकी गुटों को समर्थन देने यमन में शांति को आगे बढ़ाने की दिशा में बात की गई है।

अमेरिकन मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सऊदी किंग को लेकर राष्ट्रपति जो बाइडेन का रवैया सख्त रहा है और पत्रकार खशोगी मर्डर की रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले जो बाइडेन ने सऊदी प्रिंस से बात करने से इनकार कर दिया था। वहीं, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व में हो रहे युद्ध के लिए भी अमेरिका ने फंडिंग बंद कर दी है।

कौन थे पत्रकार जमाल खशोगी

पत्रकार जमाल खशोगी अमेरिकन न्यूज पेपर वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार थे जो अकसर सऊदी अरब सरकारी की नीतियों के खिलाफ कॉलम लिखा करते थे। आरोप है कि साल 2018 में पत्रकार जमाल खशोगी की तुर्की के इंस्ताबुल में सऊदी प्रिंस सलमान के कहने पर हत्या कर दी गई थी। पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या उस वक्त की गई थी जब तुर्की में वो एक अपार्टमेंट में शादी से जुड़ी कुछ कागजात लेने गये थे। अमेरिकन मीडिया के मुताबिक अमेरिकन खुफिया एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में सऊदी क्राउन प्रिंस को हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है हालांकि सऊदी क्राउन प्रिंस ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर दिया है।

ट्रंप कार्यकाल में रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सऊदी राजाओं के नजदीकी माने जाते रहे हैं। दिसंबर 2019 में अमेरिकी संसद ने खाशोगी हत्याकांड की रिपोर्ट तैयार करने के लिए डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलीजेंस यानि DNI को एक महीने का वक्त दिया था। माना जा रहा है कि रिपोर्ट ट्रंप प्रशासन को सौंपी जा चुकी थी मगर रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से ट्रंप प्रशासन ने इनकार कर दिया था। माना जा रहा है कि डीएनआई की खुफिया रिपोर्ट में सऊदी अरब प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) का नाम आया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के बाद उनके शव को खत्म कर दिया गया। अमेरिकी संसद ने डीएनआई से पता लगाने और तमाम सबूत इकट्ठा करने के लिए कहा था कि पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के पीछे क्या सऊदी अरब के राजपरिवार के किसी सदस्य या सऊदी अरब राजपरिवार से नजदीकी संबंध रखने वाले किसी नेता का नाम है या नहीं। डीएनआई ने अपनी रिपोर्ट डोनाल्ड ट्रंप ऑफिस में सौंप दी थी मगर उसे सार्वजनिक करने से डोनाल्ड ट्रंप ने इनकार कर दिया गया था।

39830cookie-checkजमाल खशोगी मर्डर केस: जो बाइडेन ने सऊदी किंग से बातचीत में दिखाई सख्ती, ‘हत्यारोपी’ क्राउन प्रिंस नजरअंदाज

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